रायपुर 26 सितंबर 2026। चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। हालांकि शनिवार सुबह बारिश का दौर थम गया, लेकिन रायपुर, बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। राजधानी रायपुर में लगातार बारिश के बाद खारुन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। महादेव घाट का पुल पानी में डूब गया, जिसके चलते रायपुर-पाटन मार्ग पर आवागमन बंद करना पड़ा है। प्रशासन ने मौके पर टीम तैनात कर दी है और पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्ग को प्रतिबंधित कर दिया है।
राजधानी में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। रायपुर शहर स्टेशन पर सुबह 8.30 बजे तक 77.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद शाम 5.30 बजे तक 40.1 मिमी और बारिश हुई। इस तरह करीब नौ घंटे में कुल 117.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के वर्गीकरण के अनुसार 115.6 से 204.4 मिमी बारिश को बहुत भारी बारिश की श्रेणी में रखा जाता है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण राजधानी के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा।
महादेव घाट पुल डूबा, रायपुर-पाटन मार्ग बंद
भारी बारिश के बाद खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से महादेव घाट पुल पर पानी आ गया। पुल के डूबने के कारण रायपुर और पाटन को जोड़ने वाला मार्ग बंद कर दिया गया है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने रास्ते पर बैरिकेड्स लगाए हैं। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और नदी के जलस्तर तथा आसपास की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से जलभराव वाले और नदी किनारे के क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की जा रही है।
जांजगीर में शबरी पुल पर मंडराया बाढ़ का खतरा
भारी बारिश का असर जांजगीर-चांपा जिले में भी दिखाई दे रहा है। शबरी पुल के पास महानदी का जलस्तर खतरे के करीब पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक नदी का पानी पुल से करीब चार फीट नीचे बह रहा है। गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। बताया गया है कि बांध से पानी छोड़े जाने के करीब 12 घंटे बाद इसका असर शिवरीनारायण क्षेत्र में पहुंचता है। ऐसे में शाम या रात तक शबरी पुल के ऊपर पानी आने की आशंका जताई जा रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आसपास के लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर भी स्थिति की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में सक्रिय रहा सिस्टम
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार दक्षिण छत्तीसगढ़ में सक्रिय डिप्रेशन (अवदाब) रायपुर के करीब पहुंच गया था। इसके प्रभाव से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हुई। बारिश के कारण रायपुर, बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर आ गए। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश से तापमान में भी बड़ी गिरावट
लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजधानी रायपुर के तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 7.4 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में महज 1.5 डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा। इसके चलते बारिश के बीच दिन में भी लोगों को हल्की ठंडक का अहसास हुआ। फिलहाल राजधानी रायपुर में सुबह से बारिश थम गई है, लेकिन लगातार बारिश के बाद नदियों का बढ़ा हुआ जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। खासकर खारुन और महानदी के आसपास प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


