नागोया 26 सितंबर 2026। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने मजबूत ईरान को 37-34 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में अपना दबदबा बरकरार रखा। इस ऐतिहासिक जीत की खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के केराकछार गांव की संजू देवी भी भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा हैं। संजू ने पूरे टूर्नामेंट में अपने आक्रामक खेल और शानदार रेड से टीम को मजबूती दी। एशियन गेम्स के शुरुआती मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ 42-21 की जीत में भी संजू देवी ने अहम भूमिका निभाई थी।
मुकाबले के दौरान जब बांग्लादेश ने वापसी की कोशिश की, तब संजू ने लगातार सफल रेड लगाकर भारत की बढ़त को फिर मजबूत किया था। ईरान के खिलाफ फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई। टीम की रेडिंग और डिफेंस दोनों ने ईरानी खिलाड़ियों पर दबाव बनाए रखा। हाफ टाइम तक भारत 22-16 से आगे था। दूसरे हाफ में ईरान ने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया। कई मौकों पर दोनों टीमों के बीच अंतर बेहद कम रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा। आखिरकार भारत ने मुकाबला 37-34 से अपने नाम कर लिया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।
कोरबा की संजू देवी का शानदार सफर
भारतीय महिला टीम की इस ऐतिहासिक जीत में कोरबा की संजू देवी की मौजूदगी पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। पाली विकासखंड के केराकछार गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची संजू ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर भारतीय कबड्डी में खास पहचान बनाई है। एशियन गेम्स से पहले भी संजू देवी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वह 2025 में भारत की कबड्डी विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रही थीं और उन्हें टूर्नामेंट का Most Valuable Player (MVP) भी चुना गया था। उनकी इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ सरकार ने अप्रैल 2026 में 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया था। सरकार की ओर से बताया गया था कि संजू ने भारत को कबड्डी विश्व कप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
गांव की मिट्टी से एशियन गेम्स के गोल्ड तक
संजू देवी का सफर बेहद खास है। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई। शुरुआती दौर में ग्रामीण प्रतियोगिताओं में खेलने वाली संजू को 2021 में उनकी प्रतिभा पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर के बहतराई स्थित आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण लिया, जहां उन्हें कोचिंग के साथ शिक्षा, जिम और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं भी मिलीं। एशियन गेम्स 2026 में भी संजू ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि छत्तीसगढ़ की बेटियों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने की पूरी क्षमता है। सेमीफाइनल में नेपाल के खिलाफ भारत की 48-24 की जीत में भी संजू देवी भारतीय रेडिंग अटैक का अहम हिस्सा थीं।
एशियन गेम्स में महिला कबड्डी में भारत की बादशाहत
एशियन गेम्स में महिला कबड्डी की शुरुआत 2010 में हुई थी। भारत ने 2010 ग्वांगझू, 2014 इंचियोन और 2022 हांगझू में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2018 जकार्ता में ईरान के हाथों फाइनल में हारकर भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। अब 2026 में ईरान को फाइनल में हराकर भारत ने फिर से स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। इस जीत ने भारतीय महिला कबड्डी की एशियाई स्तर पर मजबूत विरासत को और आगे बढ़ाया है।
महिला कबड्डी टीम
मुख्य कोच: भारत तेजस्विनी बाई
- पुष्पा राणा (कप्तान)
- भावना ठाकुर
- ज्योति ठाकुर
- मनीषा कुमारी
- निकिता कुमारी
- पिंकी रॉय
- पूजा हथवाला
- राज रानी
- रितु नेगी
- रितु श्योराण
- संजू देवी
- सोनाली शिंगटे


