नई दिल्ली 22 सितंबर 2026। UPI से भुगतान करने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए UPI Merchant Discount Rate यानी MDR के नियमों को लेकर टिकट बुकिंग पर अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR का बोझ ग्राहक पर नहीं डाला जाएगा। केंद्र सरकार के 15 सितंबर के स्पष्टीकरण के मुताबिक, ₹2,000 तक के सामान्य व्यापारी भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। वहीं ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यापारी लेन-देन पर MDR लागू होगा।
रेलवे को उन आवश्यक क्षेत्रों की श्रेणी में रखा गया है, जहां ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर प्रति लेन-देन ₹5 का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है। इस श्रेणी में रेलवे के साथ टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। लेकिन यहां सबसे अहम बात यह है कि यह ₹5 यात्री से वसूल नहीं किया जाना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR भुगतान व्यवस्था में शामिल मर्चेंट और संबंधित भुगतान प्रणाली के बीच का शुल्क है और इसे ग्राहक पर नहीं डाला जाना चाहिए।
अगर किसी यात्री ने UPI के जरिए ₹10,000 का रेल टिकट बुक किया, तो MDR के नाम पर उससे अतिरिक्त ₹5 नहीं लिया जाना चाहिए। यानी टिकट की निर्धारित कीमत के अलावा केवल UPI MDR के कारण अतिरिक्त शुल्क नहीं जुड़ना चाहिए। हालांकि टिकट बुकिंग के दौरान लागू अन्य शुल्क, जैसे IRCTC का निर्धारित कन्वीनियंस शुल्क, अलग विषय है। IRCTC पहले से ही ऑनलाइन टिकटिंग पर निर्धारित श्रेणियों के अनुसार कन्वीनियंस शुल्क लेता रहा है।
UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए क्या बदलेगा?
नए नियम का मतलब यह नहीं है कि ₹2,000 से ज्यादा का हर UPI भुगतान ग्राहक के लिए महंगा हो जाएगा। सरकार के मुताबिक—
- P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को UPI भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेगा।
- ₹2,000 तक के सामान्य P2M भुगतान पर MDR नहीं लगेगा।
- ₹2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी भुगतानों पर MDR लागू होगा।
- रेलवे जैसे आवश्यक क्षेत्रों में यह ₹5 प्रति लेन-देन होगा।
- MDR को ग्राहक से अलग से वसूलने की अनुमति नहीं होगी।
सरकार के अनुसार, नए ढांचे के बावजूद लगभग 96 प्रतिशत P2M UPI लेन-देन प्रभावित नहीं होंगे।
यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात
इस बदलाव के बाद रेल टिकट बुक करते समय अगर कोई प्लेटफॉर्म MDR के नाम पर अलग से ₹5 या कोई अन्य अतिरिक्त शुल्क मांगता है, तो यात्री को भुगतान से पहले शुल्क का विवरण जरूर देखना चाहिए। सरकार ने बैंकों को भी यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि मर्चेंट MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें। यानी ₹2,000 से ज्यादा का UPI भुगतान होने का मतलब यह नहीं है कि रेल यात्री को टिकट की कीमत के ऊपर MDR देना पड़ेगा। रेलवे को देय निर्धारित MDR भुगतान व्यवस्था का हिस्सा है, यात्री का अतिरिक्त शुल्क नहीं।


