गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 22 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक सड़कों पर जन्मदिन मनाने और यातायात बाधित करने के मामलों को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का है, जहां अमरकंटक चौक पर देर रात सड़क घेरकर जन्मदिन मनाने के मामले में भाजयुमो जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ दुबे समेत चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की गई है। सिद्धार्थ नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे का भतीजा है। हालांकि इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला 18 सितंबर की रात का बताया जा रहा है। रात करीब 11:42 बजे सोशल मीडिया पर जन्मदिन समारोह का वीडियो सामने आया। वीडियो में अमरकंटक चौक पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई दे रही थी। जन्मदिन मनाने के लिए बाकायदा मंच तैयार किया गया था और ढोल-नगाड़ों के बीच केक काटा गया। सिद्धार्थ दुबे इस पूरे आयोजन को फेसबुक लाइव भी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, चौक पर भीड़ जुटने के कारण सार्वजनिक मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ और राहगीरों को परेशानी हुई।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। वीडियो और उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद पुलिस ने सिद्धार्थ दुबे उर्फ सिद्दू, मौसम ताम्रकार और रितुराज अग्रवाल समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा के मुताबिक, सोशल मीडिया से मिले वीडियो के आधार पर FIR दर्ज की गई है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में किसी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
हाईकोर्ट पहले ही दे चुका है सख्त निर्देश
सड़क पर जन्मदिन मनाने का यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहले ही सार्वजनिक सड़कों पर जन्मदिन और निजी आयोजनों के नाम पर यातायात रोकने की घटनाओं पर सख्त रुख अपना चुका है। फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने सड़क पर जन्मदिन मनाने की एक घटना का स्वतः संज्ञान लिया था। अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी। कोर्ट के आदेश के बाद डीजीपी ने भी सभी पुलिस अधीक्षकों को सड़क पर यातायात बाधित कर जन्मदिन मनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मई 2026 में भी हाईकोर्ट ने सड़क पर जन्मदिन मनाने की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई की जरूरत दोहराई थी।
गौरेला की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब हाईकोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि सार्वजनिक सड़कें लोगों की आवाजाही के लिए हैं, निजी आयोजनों के लिए नहीं। इसके बावजूद राजनीतिक या सामाजिक पहचान रखने वाले लोगों के सार्वजनिक आयोजनों में नियमों की अनदेखी के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई से अब यह सवाल भी अहम हो गया है कि क्या सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद ही ऐसे आयोजनों पर कार्रवाई होगी, या पुलिस प्रशासन पहले से ही सड़क पर भीड़ और यातायात बाधित होने वाले आयोजनों को रोकने के लिए सक्रिय निगरानी करेगा ? फिलहाल गौरेला पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और आयोजन से जुड़े लोगों, वीडियो और मौके की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।


