रायपुर 21 सितंबर 2026। असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव का मामला सामने आया। काफिले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल, असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा समेत कई नेता शामिल थे। घटना के बाद कांग्रेस ने इसे गंभीर मामला बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भूपेश बघेल ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा और बीजेपी पर हमला बोला है।
गौरतलब है कि असम के नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव प्रस्तावित है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार कांग्रेस के सीनियर लीडर्स का काफिला चुनावी सभा के लिए जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक‘ के नारे लगाए। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और कांग्रेस के काफिले से जुड़ी गाड़ियों पर पत्थर फेंके जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम को लेकर पूर्व सीएम बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि….“आज नगांव में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे कांग्रेस के काफ़िले पर भाजपा के लोगों ने प्राणघातक हमला किया है। हमारी कारों पर पत्थरों से हमले हुए, कार का शीशा टूट गया। भीतर बैठे एआईसीसी के सचिव मनोज चौहान और अन्य साथियों को चोटें आईं हैं। मैं और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई जिस कार में थे उस पर तो एसिड तक फेंका गया।
गनीमत है कि कार के शीशे बंद थे। मोटर साइकिलों पर बड़ी दूर तक हमारा पीछा तक किया गया। कुछ में भाजपा के झंडे भी लगे थे। बहुत से साथी घायल हुए हैं। हमने थाने में रपट लिखाई है। फिर हम कलेक्टर और एसपी से भी मिले। आज भाजपा का चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के गुंडाराज का पर्दाफ़ाश हुआ है। एक सवाल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी है क्योंकि आचार संहिता के बाद क़ानून व्यवस्था चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी होती है। भाजपा के इस हमले की वजह है लोकसभा उपचुनाव चुनाव में हारने का डर। न कांग्रेस डरने वाली है और न असम की जनता। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।” हालांकि इन आरोपों की जांच और आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया है कि घटना में AICC सचिव मनोज चौहान समेत कुछ लोगों को चोटें आई हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कथित पथराव के लिए भाजपा समर्थकों पर आरोप लगाए हैं। गौरव गोगोई ने भी दावा किया कि उनके और भूपेश बघेल के वाहन को निशाना बनाया गया। कांग्रेस का कहना है कि घटना से पहले पुलिस को संभावित स्थिति को लेकर सूचना दी गई थी, इसके बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। भूपेश बघेल और कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी। पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया और भीड़ को नियंत्रित किया गया। असम ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
आज नगांव में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे कांग्रेस के काफ़िले पर भाजपा के लोगों ने प्राणघातक हमला किया है।
हमारी कारों पर पत्थरों से हमले हुए, कार का शीशा टूट गया। भीतर बैठे एआईसीसी के सचिव मनोज चौहान और अन्य साथियों को चोटें आईं हैं।
मैं और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई जिस कार में थे उस पर तो एसिड तक फेंका गया। गनीमत है कि कार के शीशे बंद थे।
मोटर साइकिलों पर बड़ी दूर तक हमारा पीछा तक किया गया। कुछ में भाजपा के झंडे भी लगे थे।
बहुत से साथी घायल हुए हैं। हमने थाने में रपट लिखाई है। फिर हम कलेक्टर और एसपी से भी मिले।
आज भाजपा का चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के गुंडाराज का पर्दाफ़ाश हुआ है।
एक सवाल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी है क्योंकि आचार संहिता के बाद क़ानून व्यवस्था चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी होती है।
भाजपा के इस हमले की वजह है लोकसभा उपचुनाव चुनाव में हारने का डर।
न कांग्रेस डरने वाली है और न असम की जनता।
हम लड़ेंगे और जीतेंगे।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 21, 2026


