रायपुर 13 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस के चुनाव को लेकर सियासी घमासान के बीच बीजेपी ने कांग्रेस के भीतर कथित गुटबाजी को लेकर हमला तेज कर दिया है। बीजेपी छत्तीसगढ़ के आधिकारिक X हैंडल से जारी पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव के बीच कथित खेमेबाजी को निशाना बनाया गया है। पोस्टर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल से लेकर देवेंद्र यादव के अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों पर तंज कसा गया है। यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर कांग्रेस में दो खेमों के बीच मुकाबले की चर्चाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
कांग्रेस कितना भी दिखावा कर ले, लेकिन इसके नेताओं की आपसी लड़ाई किसी से छिपी नहीं है। कभी सिंहदेव मुंह फुला रहे हैं, तो कभी देवेन्द्र यादव भूपेश को ही तेवर दिखा रहे हैं… https://t.co/WvoaexnSX8
— BJP Chhattisgarh (@BJP4CGState) September 12, 2026
बीजेपी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि “कांग्रेस कितना भी दिखावा कर ले, लेकिन इसके नेताओं की आपसी लड़ाई किसी से छिपी नहीं है।” इसके बाद पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि कभी सिंहदेव नाराज नजर आते हैं तो कभी देवेंद्र यादव भूपेश बघेल को ही तेवर दिखाते हैं। बीजेपी का यह हमला खास तौर पर यूथ कांग्रेस चुनाव के संदर्भ में है। पोस्टर में कांग्रेस के मंच का कार्टूननुमा दृश्य दिखाते हुए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक होने के दावे के बावजूद नेताओं के बीच अलग-अलग खेमे दिखाई दे रहे हैं। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ में पहले से ही राजनीतिक हलचल है।
रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव में दो प्रमुख खेमों के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है और देवेंद्र यादव पैनल को लेकर भी चर्चा है। बीजेपी अब इसी चुनावी मुकाबले को कांग्रेस की कथित गुटीय राजनीति से जोड़कर हमलावर है। पार्टी का संदेश है कि यूथ कांग्रेस जैसे संगठनात्मक चुनाव में भी अगर नेता अलग-अलग खेमों के साथ खड़े नजर आते हैं, तो कांग्रेस के भीतर एकजुटता के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि बीजेपी के आरोपों के बीच कांग्रेस की ओर से गुटबाजी की बात को खारिज भी किया गया है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच गुटबाजी के सवाल पर कहा कि अलग राय होना गुटबाजी नहीं है और राजनीतिक दलों में विचारों की भिन्नता स्वाभाविक है। यानी बीजेपी जिस घटनाक्रम को कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के सबूत के तौर पर पेश कर रही है, कांग्रेस उसे नेताओं के बीच विचारों और राजनीतिक समीकरणों का सामान्य हिस्सा बता रही है।
देवेंद्र यादव के साथ सिंहदेव-महंत की तस्वीर ने बढ़ाई चर्चा
हाल ही में देवेंद्र यादव के साथ टीएस सिंहदेव और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के नजर आने के बाद भी बीजेपी ने कांग्रेस की कथित गुटबाजी को लेकर हमला बोला था। बीजेपी नेता अजय चंद्राकर ने इस घटनाक्रम को कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान से जोड़ते हुए निशाना साधा था। अब यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर सामने आए बीजेपी के पोस्टर ने इस बहस को फिर हवा दे दी है। बीजेपी के इस हमले का राजनीतिक मकसद साफ है—कांग्रेस को अंदर से बंटी हुई पार्टी के तौर पर पेश करना। वहीं कांग्रेस के सामने चुनौती यह है कि वह संगठनात्मक चुनाव के दौरान अलग-अलग नेताओं के समर्थकों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा को किस तरह पार्टी की एकजुटता से जोड़कर रखती है।
खास बात यह है कि यूथ कांग्रेस का चुनाव सिर्फ संगठनात्मक पद का चुनाव नहीं रह गया है। इसके जरिए कांग्रेस के भीतर भविष्य के नेतृत्व और अलग-अलग नेताओं के प्रभाव का आकलन भी किया जा रहा है। फिलहाल बीजेपी ने पोस्टर के जरिए कांग्रेस की ‘गुटबाजी’ को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की है। कांग्रेस इसे विरोधी दल का राजनीतिक प्रचार बता रही है। अब देखना होगा कि यूथ कांग्रेस चुनाव का नतीजा आने के बाद ‘भूपेश बनाम देवेंद्र’ की यह सियासी बहस और तेज होती है या पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश मजबूत होता है।


