दंतेवाड़ा 1 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुभाष गंजीर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उन्हें छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने सुभाष गंजीर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी माना है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक, जांच में उनकी ज्ञात आय की तुलना में 88.30 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई थी।
मामले की शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने सुभाष गंजीर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान एजेंसी को करीब 8.71 लाख रुपये नकद, लगभग 500 ग्राम सोने के आभूषण और संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज मिले थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, सुभाष गंजीर से जुड़ी करीब 40 संपत्तियों और तीन मकानों के दस्तावेज भी बरामद किए गए थे। इन संपत्तियों की जांच के बाद उनकी आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आया।
88.30 फीसदी ज्यादा संपत्ति मिलने पर दर्ज हुआ था मामला
जांच में सामने आया कि सुभाष गंजीर के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले 88.30 प्रतिशत अधिक संपत्ति थी। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ई) और 13(2) के तहत मुकदमा चलाया गया।
2018 में हुई थी गिरफ्तारी
ACB ने जांच के बाद सुभाष गंजीर को 26 मई 2018 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 21 जून 2018 को चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई। वहीं, 23 जुलाई 2018 को अदालत ने आरोप तय किए थे। बाद में उन्हें 5 जुलाई 2018 को जमानत मिल गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में दस्तावेजी सबूत और गवाह पेश किए। मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष अदालत ने 31 अगस्त 2026 को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सुभाष गंजीर को दोषी माना। इसके बाद उन्हें 4 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
ACB ने पेश किए सबूत और गवाह
मामले में ACB की ओर से अदालत में जांच से जुड़े दस्तावेज, सबूत और गवाह पेश किए गए। अभियोजन पक्ष ने इन्हीं के आधार पर सुभाष गंजीर के खिलाफ अपना पक्ष रखा। अभियोजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ममता शर्मा ने पैरवी की। करीब आठ साल पुराने इस आय से अधिक संपत्ति के मामले में अब विशेष अदालत ने तत्कालीन DEO सुभाष गंजीर को दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले में उनकी ज्ञात आय से 88.30 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाए जाने को अहम आधार माना गया।


