कोरबा 11 अगस्त 2026। पुलिस की ओर से लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। कोरबा में दो शातिर ठगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने बुजुर्ग को गांजा रखने और फिर पुलिस रेड का डर दिखाया और जांच के नाम पर उनकी सोने की चेन और अंगूठी उतरवा ली। इसके बाद असली गहनों को नकली गहनों से बदलकर दोनों आरोपी फरार हो गए।
ठगी का ये मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निहारिका इलाके का है। पुलिस के मुताबिक खरमोरा निवासी समीर चट्टोपाध्याय बालको के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि वे निहारिका में नारियल पानी पीने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। दोनों युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और बुजुर्ग से कहा कि उनके पास गांजा होने की सूचना मिली है। समीर ने जब इस बात से इनकार किया, तो आरोपियों ने उन्हें और डराते हुए आसपास पुलिस रेड होने की बात कही।
आरोपियों ने बुजुर्ग से एक कागज पर हस्ताक्षर करवाने की बात कही। इसी दौरान एक आरोपी ने उनके गले से सोने की चेन और हाथ से अंगूठी उतरवा ली। इसके बाद शातिरों ने असली गहनों को एक पन्नी में रखने का नाटक किया और मौका पाकर पन्नी बदल दी। बुजुर्ग को दूसरी पन्नी थमा दी गई, जिसमें असली सोने के बजाय नकली गहने रखे हुए थे। समीर चट्टोपाध्याय को उस वक्त आरोपियों की चाल का अंदाजा नहीं हुआ। उन्हें लगा कि उनके गहने सुरक्षित तरीके से बैग में रख दिए गए हैं।
घर पहुंचकर जब उन्होंने बैग खोला तो पन्नी के अंदर रोल्ड गोल्ड के नकली गहने मिले। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटना निहारिका के पास हुई है। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी बाइक से आए थे। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
आरोपियों की पहचान और बाइक नंबर का पता लगाने के लिए तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस टीम आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत सामने रखी है। पुलिसकर्मी बनकर जांच के नाम पर गहने उतरवाने या सामान की जांच करने वाले लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के पुलिसकर्मी होने का दावा करने पर तत्काल नजदीकी थाने या पुलिस से संपर्क कर उसकी पहचान की पुष्टि की जा सकती है।

