Health tips: अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि अगर उनकी ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) रिपोर्ट सामान्य है, तो उन्हें दिल की कोई बीमारी नहीं हो सकती। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। नॉर्मल ECG के बावजूद दिल की धमनियों में ब्लॉकेज हो सकता है और हार्ट अटैक का खतरा भी बना रह सकता है। प्रसिद्ध कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. राहुल चंदोला के मुताबिक, उन्होंने ऐसे कई मरीज देखे हैं जो पूरी तरह फिट नजर आते थे और नियमित रूप से व्यायाम भी करते थे। कुछ लोग तो हार्ट अटैक वाले दिन सुबह तक दौड़ लगा रहे थे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्हें गंभीर हृदयाघात का सामना करना पड़ा। ऐसे मामलों से स्पष्ट है कि केवल फिटनेस या सामान्य ECG रिपोर्ट के आधार पर दिल की सेहत का आकलन नहीं किया जा सकता।
ECG क्या बताता है और क्या नहीं
ECG दिल की धड़कन और उसकी विद्युत गतिविधि की जानकारी देता है। इससे यह पता चलता है कि दिल की धड़कन सामान्य है या नहीं और कहीं कोई रिद्म संबंधी समस्या तो नहीं है।
हालांकि, ECG यह नहीं बता सकता कि—
- दिल की धमनियों में ब्लॉकेज है या नहीं।
- यदि ब्लॉकेज है तो वह कितना गंभीर है।
- भविष्य में हार्ट अटैक का जोखिम कितना है।
यही वजह है कि सिर्फ नॉर्मल ECG को दिल के पूरी तरह स्वस्थ होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
हार्ट विशेषज्ञ डाक्टर के मुताबिक हार्ट अटैक से पहले शरीर कई बार छोटे-छोटे संकेत देता है। यदि समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
इन संकेतों में शामिल हैं—
- सीने में दर्द, दबाव या भारीपन महसूस होना।
- थोड़ी मेहनत में सांस फूलना।
- कंधे, गर्दन, जबड़े या बांह में दर्द।
- अचानक अत्यधिक पसीना आना।
- बिना वजह थकान या कमजोरी महसूस होना।
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत ?
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा है या परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें केवल ECG रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर अन्य जांच जैसे ट्रेडमिल टेस्ट (TMT), इकोकार्डियोग्राफी, CT कोरोनरी एंजियोग्राफी या अन्य परीक्षण की सलाह दे सकते हैं।
डॉक्टर की सलाह के बिना न करें लापरवाही
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण महसूस हों, तो उन्हें गैस या सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें। समय रहते जांच और उपचार से हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। नॉर्मल ECG अच्छी बात जरूर है, लेकिन यह दिल के पूरी तरह स्वस्थ होने की गारंटी नहीं है। दिल की सही जांच केवल ECG से नहीं, बल्कि जोखिम कारकों, लक्षणों और जरूरत पड़ने पर अन्य मेडिकल जांचों के आधार पर ही की जाती है।

