रायपुर 7 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि 8 अगस्त के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसका दायरा धीरे-धीरे कम होने के संकेत दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी वर्षा हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल मानसूनी गतिविधियां उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिक प्रभावी बनी हुई हैं।
1 जून से 5 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में औसतन 589.3 मिमी (23.2 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 634.9 मिमी (25.0 इंच) मानी जाती है। इस तरह अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसके बावजूद मौसम विभाग ने प्रदेश की मौजूदा मानसूनी स्थिति को सामान्य श्रेणी में रखा है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। वहीं जिन इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, वहां जलभराव, नदी-नालों के उफान और निचले क्षेत्रों में पानी भरने जैसी स्थितियां बनी हुई हैं। बारिश के बीच गुरुवार को प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर और दुर्ग में दर्ज किया गया।
वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया, जिससे उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रहा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों की बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगी। जिन जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा हुई है, वहां यदि अच्छी बारिश होती है तो धान समेत अन्य खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा और प्रदेश में मानसून का संतुलन भी बेहतर हो सकेगा। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को उत्तर छत्तीसगढ़ के भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

