कोरबा 7 अगस्त 2026। कोरबा जिले में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का कहना है कि उनसे जबरन हाथ-पैर की मालिश कराई जाती है, अधीक्षिका की देर रात तक पूजा-पाठ होने से पढ़ाई और नींद प्रभावित होती है, जबकि भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। छात्राओं के इन आरोपों ने सिर्फ छात्रावास प्रबंधन ही नहीं, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए संचालित कस्तूरबा गांधी कन्या छात्रावासों की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल ये पूरा मामला कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र का है, जहां कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने अधीक्षिका शारदा नेताम को हटाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन किया। अचानक हुए चक्काजाम से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो गया और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास अधीक्षिका उनसे नियमित रूप से हाथ-पैर की मालिश कराती हैं। इतना ही नहीं, देर रात तक पूजा-पाठ और घंटी बजने से उन्हें पढ़ाई और आराम करने में परेशानी होती हैं।
छात्राओं का यह भी आरोप है कि छात्रावास में उन्हें कई बार अधपका और खराब गुणवत्ता का भोजन परोसा जाता था, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उधर घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार सहित जिला शिक्षाधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्राओं का काफी समझाईश के बाद चक्काजाम को समाप्त कराया जा सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तत्काल अधीक्षिका शारदा नेताम को पद से हटा दिया है। हालांकि विभागीय जांच अभी जारी है और अन्य आरोपों की भी विस्तृत पड़ताल की जा रही है। यह घटना एक बार फिर छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े करती है।
सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत संचालित छात्रावासों का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। लेकिन कोरबा की यह घटना बताती है कि निगरानी और जवाबदेही मजबूत नहीं होगी, तो ऐसी व्यवस्थाएं अपने मूल उद्देश्य से भटक सकती हैं। अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।

