कराकास/टोक्यो, 25 जून 2026। दुनिया गुरुवार को उस समय दहल उठी जब दक्षिण अमेरिकी देश Venezuela और एशियाई देश Japan में शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। सबसे भयावह स्थिति वेनेजुएला में देखने को मिली, जहां महज 40 सेकंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भारी जनहानि की आशंका जताई है और प्रारंभिक आकलनों में मृतकों की संख्या हजारों तक पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है। भूकंप का केंद्र वेनेजुएला के उत्तरी तटीय क्षेत्र के पास था, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी कराकास में दिखाई दिया।
कई बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं। अल्टामीरा इलाके में एक 22 मंजिला इमारत पूरी तरह ढह गई, जिसके मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। सड़कों पर धूल के गुबार, चीख-पुकार और अपनों को तलाशते लोगों के दर्दनाक दृश्य सामने आए हैं। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग जान बचाने के लिए घरों, दफ्तरों और मॉल से बाहर भाग निकले। कई इलाकों में बिजली, पानी और संचार सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। सरकार ने देशभर में आपातकाल घोषित कर राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 7.2 और 7.5 तीव्रता के ये दोहरे भूकंप (डबलट अर्थक्वेक) वेनेजुएला के इतिहास के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक हैं। झटकों के बाद लगातार आफ्टरशॉक्स का खतरा बना हुआ है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। उधर जापान में भी गुरुवार को शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके झटके सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो तक महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि वहां से अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी है और सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच आई प्राकृतिक आपदा
वेनेजुएला पहले से ही गंभीर राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। जनवरी 2026 में राष्ट्रपति Nicolás Maduro को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने तत्कालीन उपराष्ट्रपति Delcy Rodríguez को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया। मादुरो अमेरिकी अदालत में नार्को-टेररिज्म और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोपों का सामना कर रहे हैं।
उनकी गिरफ्तारी के बाद से देश में राजनीतिक संक्रमण का दौर जारी है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच लोकतांत्रिक सुधारों को लेकर बातचीत चल रही है। भूकंप ऐसे समय आया है जब वेनेजुएला पहले से ही गहरे आर्थिक संकट में फंसा हुआ है। महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहे देश के लिए यह प्राकृतिक आपदा नई चुनौती बनकर सामने आई है। राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता की मांग भी तेज हो सकती है।

