कोरिया 21 जून 2026। भाजपा नेता समेत तीन लोगों को जिंदा जलाकर मारने के चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने फरार चल रहे नौवें आरोपी गौरव त्रिपाठी को खड़गवां क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले में नामजद सभी आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। इससे पहले शनिवार को मामले के मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी सहित अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी ने मनेंद्रगढ़ थाने में सरेंडर किया था। वहीं चार अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। गौरव त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दावा किया है कि हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है।
गौरतलब है कि 16 जून की रात कोरिया जिले के नागोई गांव में हुए तिहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह को उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी में जिंदा जला दिया गया था। उनके साथ मौजूद लोगों पर भी जानलेवा हमला किया गया और बेरहमी से मारपीट की गई। इस खूनी वारदात में भाजपा नेता समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग अब भी गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की जड़ रेत के अवैध कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई थी। अवैध खनन और वसूली को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच दोनों पक्षों के बीच बातचीत और समझौते की कोशिश की जा रही थी।
लेकिन इसी दौरान मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी और उसके साथियों ने कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया, ताकि इलाके में अपना दबदबा और दहशत बनाया जा सके। घटना के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया और विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। शुरुआती कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड माने जा रहे मनोज त्रिपाठी समेत चार अन्य आरोपियों ने शनिवार को थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। इसके बाद फरार चल रहे नौवें आरोपी गौरव त्रिपाठी को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके साथ ही इस मामले के सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ गए। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शनिवार देर शाम सोनहत थाना क्षेत्र में पुलिस ने उनका जुलूस निकाला।
इस दौरान आरोपी सड़क पर चलते हुए ‘अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है‘ जैसे नारे लगाते दिखाई दिए। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और समाज को यह संदेश देना है कि अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई के बीच कई सवाल भी उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सख्ती का प्रदर्शन आज आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद किया जा रहा है, यदि वही सक्रियता और निगरानी पहले दिखाई गई होती तो शायद इतनी बड़ी और दर्दनाक घटना को रोका जा सकता था।
लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से रेत कारोबार को लेकर तनाव और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में भाजपा नेता समेत तीन लोगों की जिंदा जलाकर हत्या की इस वारदात ने कानून.व्यवस्थाए अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

