जशपुर 20 जून 2026। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण के अनूठे संगम ने जशपुर वनमण्डल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल (बीज गोले) के प्रसार और रोपण का कीर्तिमान स्थापित कर जशपुर वनमण्डल का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। यह उपलब्धि न केवल जशपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बन गई है।
बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित समारोह के दौरान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया। वनमण्डल की ओर से यह सम्मान वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार ने ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर वनमण्डल, वन विभाग और अभियान से जुड़े सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान जनसहभागिता और प्रकृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। जब समाज, प्रशासन और शासन किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं, तब असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी आसानी से हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जशपुर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
‘बीज गोला बनाबो’ बना जनआंदोलन
जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अभियान “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” के तहत जिलेभर में बड़े पैमाने पर सीडबॉल प्रसार कार्यक्रम चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक वनस्पतियों का संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देना और हरित आवरण में वृद्धि कर पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत बनाना है।
अभियान की सबसे बड़ी ताकत इसकी व्यापक जनभागीदारी रही। ग्रामीणों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया।
एक दिन में 2 लाख से ज्यादा सीडबॉल, बना विश्व रिकॉर्ड
हजारों लोगों के सामूहिक प्रयास से एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल का प्रसार किया गया, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसी उपलब्धि के आधार पर जशपुर वनमण्डल का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। यह रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि यदि पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज को साथ लेकर अभियान चलाया जाए तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण में नई मिसाल
इस उपलब्धि ने जशपुर जिले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। साथ ही यह संदेश भी दिया है कि सामुदायिक सहभागिता, जागरूकता और सकारात्मक पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी बदलाव लाए जा सकते हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

