कोरबा 16 जून 2026 : देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी JSW Energy ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित 300 मेगावाट क्षमता वाले मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड के अधिग्रहण की घोषणा की है। कंपनी 1,410 करोड़ रुपए के उद्यम मूल्य पर MCCPL की 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगी। अधिग्रहण पूरा होने के बाद यह कंपनी JSW Energy की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई बन जाएगी। पाली विकासखंड के बांधाखार स्थित यह ताप विद्युत संयंत्र वर्ष 2015 से व्यावसायिक उत्पादन कर रहा है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकार इस सौदे को कोरबा के औद्योगिक और ऊर्जा परिदृश्य में महत्वपूर्ण घटनाक्रम मान रहे हैं। हालांकि सौदे को अंतिम रूप देने से पहले भूमि हस्तांतरण और ऋणदाताओं की मंजूरी सहित कुछ नियामकीय स्वीकृतियां मिलना बाकी हैं।
कंपनी को उम्मीद है कि 31 जुलाई 2026 तक अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। JSW Energy के संयुक्त प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी शरद महेंद्र ने कहा कि MCCPL एक स्थापित और लाभकारी परिसंपत्ति है, जो अधिग्रहण के साथ ही कंपनी की आय और नकदी प्रवाह को मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि यह सौदा कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति और ऊर्जा उत्पादन क्षमता विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिग्रहण के तहत रतिजा स्थित कोल वाशरी भी JSW Energy के नियंत्रण में आएगी। कंपनी भविष्य में संयंत्र की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं का भी आकलन कर सकती है।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
पाली क्षेत्र के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में इस निवेश को लेकर सकारात्मक माहौल है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि बड़े औद्योगिक समूह के आने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। पिछले कुछ वर्षों में JSW Energy ने छत्तीसगढ़ में अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत की है। इससे पहले कंपनी जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित केवीके पावर प्लांट का अधिग्रहण कर चुकी है।
छत्तीसगढ़ को मिलता है बिजली उत्पादन का हिस्सा
MCCPL के पास बिजली आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक समझौते हैं। कंपनी राजस्थान की वितरण कंपनियों को पीटीसी इंडिया के माध्यम से 195 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराती है। वहीं संयंत्र में उत्पादित बिजली का 5 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को दिया जाता है। शेष बिजली खुले बाजार में बेची जाती है। संयंत्र के लिए कोयले की आपूर्ति एसईसीएल के साथ दीर्घकालिक व्यवस्था और केंद्र सरकार की शक्ति योजना के तहत सुनिश्चित की गई है। मारुति क्लीन कोल एंड पावर का संबंध एसीबी समूह से रहा है, जो लंबे समय से कोरबा में कोयला धुलाई और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उद्योग जगत इस सौदे को क्षेत्र के ऊर्जा कारोबार में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देख रहा है।
