Close Menu
DW Hindi

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    CG: धमतरी में सिंचाई विभाग का बाबू 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप

    17/06/2026

    बड़ी खबर: चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मिली हरी झंडी, 755 करोड़ रूपये होंगे खर्च, कोयला परिवहन को मिलेगी रफ्तार

    17/06/2026

    बड़ी खबर: कोरिया में BJP नेता और भाई को जिंदा जलाया, अवैध रेत खनन और वर्चस्व की लड़ाई में दिया वारदात को अंजाम, देर रात मौके पर पहुंचे आईजी

    17/06/2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, June 17
    DW Hindi
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • हेडलाइन
    • बड़ी ख़बर
    • छत्तीसगढ़
    • उद्योग
    • राजनीति
    • ब्यूरोक्रेटस
    • खेल
    • सेहत
    • वायरल न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • क्राइम
    • शिक्षा
    DW Hindi
    Home»अन्य»फ्लाई-ऐश और औद्योगिक कचरे की रिसाइक्लिंग से बन रहीं पर्यावरण-अनुकूल सड़कें… एनएचएआई का पर्यावरण-हितैषी निर्माण पर जोर.
    अन्य

    फ्लाई-ऐश और औद्योगिक कचरे की रिसाइक्लिंग से बन रहीं पर्यावरण-अनुकूल सड़कें… एनएचएआई का पर्यावरण-हितैषी निर्माण पर जोर.

    nimbletech.developer@gmail.comBy nimbletech.developer@gmail.com04/06/2026
    Share Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

     भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने आधुनिक सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में कई अभिनव पहलें की हैं। प्रकृति, वन्य जीव और आधुनिकता के बीच बेहतरीन संतुलन स्थापित करने का यह अनूठा मॉडल विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की विभिन्न परियोजनाओं में धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। औद्योगिक कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देकर पर्यावरण-अनुकूल सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

    औद्योगिक कचरे की रिसाइक्लिंग से राजमार्गों का निर्माण

    राजमार्ग निर्माण में थर्मल पावर प्लांट की फ्लाई-ऐश (राख) का उपयोग करके एनएचएआई ने पर्यावरण संरक्षण की एक नई मिसाल पेश की है, जिसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की बिजली परियोजनाओं से निकलने वाले कचरे को खपाने में काम आ रहा है। छत्तीसगढ़ में विभिन्न परियोजनाओं में वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 2.17 करोड़ मीट्रिक टन और वर्ष 2025-26 में 62 लाख मीट्रिक टन से अधिक फ्लाई-ऐश को सड़क निर्माण में खपाया गया, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग 20 लाख मीट्रिक टन फ्लाई-ऐश का उपयोग किया जा चुका है। इतना ही नहीं, स्टील उद्योग के अपशिष्ट यानी स्लैग, अनुपयोगी टायरों के रबर और बायो-बिटुमेन जैसी वैकल्पिक सामग्रियों को रिसायकल कर वर्ष 2024-25 में 30,477 मीट्रिक टन तथा वर्ष 2025-26 में 2691 मीट्रिक टन सामग्रियों का उपयोग करके ग्रीन-हाइवे की परिकल्पना को साकार किया गया है।

    जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के प्रयास

    सड़क निर्माण के साथ-साथ जल संरक्षण और भूजल संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर सुधर सके। छत्तीसगढ़ के राजमार्गों के आस-पास के ग्रामीण अंचलों सहित देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 13 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार और निर्माण किया गया है। वर्षा जल संचयन को गति देने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग पिट्स की संख्या को वर्ष 2024-25 में 14 से बढ़ाकर अगले ही वर्ष 105 कर दिया गया। निर्माण कार्यों और पौधों की सिंचाई में पीने योग्य साफ पानी की बर्बादी रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से प्राप्त 323 किलोलीटर शोधित जल का उपयोग किया गया, जो जल प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

    संवेदनशील वनों में इको-फ्रेंडली इन्फ्रास्ट्रक्चर

    वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए एनएचएआई ने छत्तीसगढ़ की विभिन्न परियोजनाओं में बेहद संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्रों में अत्याधुनिक इको-फ्रेंडली इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। छत्तीसगढ़ के सीतानदी-उदंती अभ्यारण्य के संवेदनशील क्षेत्र में करीब 3 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक सुरंग इसका नायाब उदाहरण है। इस निर्माण से वाहनों का आवागमन भूमिगत होगा और जंगल के शांत माहौल पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। इस क्षेत्र में विशेष ध्वनि-अवरोधक (साउंड बैरियर्स) लगाए जा रहे हैं, ताकि वन्य जीव और पक्षी वाहनों के शोर से विचलित न हों। साथ ही, पेड़ों पर रहने वाले जीवों के लिए सड़क के ऊपर मंकी-कैनोपी और हाथियों व अन्य वन्य जीवों के बेरोकटोक विचरण के लिए विशेष एलिफेंट-पास एवं एनिमल-अंडर विकसित किए जा रहे हैं।

    बी-कॉरिडोर और मेडिसीन पार्क से स्थानीय समृद्धि

    हाइवे को एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र में बदलने छत्तीसगढ़ के मैदानी और वनांचल मार्गों के किनारों पर एनएचएआई द्वारा कई अनोखे प्रयोग किए जा रहे हैं। सड़कों के किनारे विशेष बी-कॉरिडोर (मधुमक्खी गलियारा) विकसित किया जाएगा, जिससे आसपास के खेतों में प्राकृतिक परागण बढ़ेगा और स्थानीय किसानों की फसल उत्पादकता में वृद्धि होगी। वहीं, बंजर और खाली पड़ी जमीनों पर मेडिसीन पार्क (औषधि वन) तैयार कर नीम, तुलसी, एलोवेरा और आंवला जैसे हजारों औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही, एनएचएआई ने “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के अंतर्गत बीते वर्ष छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे और डिवाइडर्स पर ढाई लाख से अधिक पौधों का रोपण कर हरित राजमार्ग का एक नया कीर्तिमान रचा है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    nimbletech.developer@gmail.com
    • Website

    Related Posts

    CG: धमतरी में सिंचाई विभाग का बाबू 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप

    17/06/2026

    बड़ी खबर: चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मिली हरी झंडी, 755 करोड़ रूपये होंगे खर्च, कोयला परिवहन को मिलेगी रफ्तार

    17/06/2026

    बड़ी खबर: कोरिया में BJP नेता और भाई को जिंदा जलाया, अवैध रेत खनन और वर्चस्व की लड़ाई में दिया वारदात को अंजाम, देर रात मौके पर पहुंचे आईजी

    17/06/2026

    Comments are closed.

    Don't Miss

    CG: धमतरी में सिंचाई विभाग का बाबू 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप

    DW Hindi17/06/2026

    धमतरी 17 जून 2026। धमतरी जिले में एसीबी की टीम ने छापामार कार्रवाई कर सिंचाई विभाग…

    बड़ी खबर: चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मिली हरी झंडी, 755 करोड़ रूपये होंगे खर्च, कोयला परिवहन को मिलेगी रफ्तार

    17/06/2026

    बड़ी खबर: कोरिया में BJP नेता और भाई को जिंदा जलाया, अवैध रेत खनन और वर्चस्व की लड़ाई में दिया वारदात को अंजाम, देर रात मौके पर पहुंचे आईजी

    17/06/2026

    CG: छत्तीसगढ़ में खुले पाठशाला के पट, आज भी एक शिक्षक के भरोसे 1800 स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, कागजों में दौड़ रही शिक्षा क्रांति !

    16/06/2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Facebook X (Twitter) WhatsApp
    About Us

    Editor: Vijay Kumar

    Office Address: Shop No. 08, Mudapar Complex,
    Near Ambedkar Bhawan,
    Korba, Chhattisgarh – 495677,
    India

    Email: dwhindi24x7@gmail.com

    June 2026
    M T W T F S S
    1234567
    891011121314
    15161718192021
    22232425262728
    2930  
         
    © 2026 DW HINDI. Designed by Nimble Technology.
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.