रायपुर 18 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में जर्जर सड़कों और मरम्मत कार्यों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस ने सड़क सुधार को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव के बयान को साझा करते हुए साय सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्टर जारी कर सवाल उठाया कि जब सड़कों की मरम्मत के लिए 15 अक्टूबर तक की समय-सीमा तय की गई थी, तो डेडलाइन गुजरने के बाद भी काम शुरू क्यों नहीं हुआ ? कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि….“भाजपा सरकार में मंत्री के आदेश की हालत भी सड़कों जैसी हो गई है।” पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार के निर्देशों का जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा और आम जनता धूल तथा गड्ढों से भरी सड़कों पर चलने को मजबूर है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार में मंत्री जी के आदेश की हालत भी सड़कों जैसी हो गई है।
मंत्री जी ने 15 अक्टूबर तक सड़क सुधारने का आदेश दिया था, लेकिन डेडलाइन निकल गई और काम शुरू तक नहीं हुआ।
जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से सिर्फ भष्टाचार ही हुआ है, मंत्री कमीशनखोरी में इतना मस्त है कि उनको भ्रष्टाचार से आगे कुछ दिखाई नहीं देता।
जनता धूल फांक रही है, गड्ढों से जूझ रही है और जिम्मेदारों के आदेश हवा में उड़ रहे हैं।
@vishnudsai @ArunSao3— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) October 16, 2026
कांग्रेस ने अपने पोस्ट में दावा किया कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने 15 अक्टूबर तक सड़क सुधारने का आदेश दिया था, लेकिन तय समय-सीमा बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सड़कों की बदहाली का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। खराब सड़कों के कारण लोगों को धूल, गड्ढों और आवागमन की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने सवाल किया कि जब मरम्मत के लिए निर्देश और समय-सीमा दोनों तय हैं, तो फिर जमीन पर काम क्यों नजर नहीं आ रहा ? सड़क मरम्मत के मुद्दे पर हमला बोलते हुए कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए।
पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार में जिम्मेदार लोग भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर नहीं हैं और जनता की परेशानियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी से जुड़े आरोप कांग्रेस के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौजूदा वक्त में जर्जर सड़कें अब सिर्फ आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा भी बन गई हैं। कांग्रेस ने इसे सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर का सवाल बनाया है। अब देखना होगा कि मरम्मत कार्यों को लेकर सरकार और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं।


