दुर्ग 1 नवंबर 2026। दुर्ग में डॉक्टर के बंद मकान से करीब एक करोड़ रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, एक कार और अन्य सामान समेत करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद करने का दावा किया है। चोरी के गहनों को भट्ठी में गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया गया था, जबकि कुछ आभूषण और नकदी घर के फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाए गए थे। वारदात का कथित मास्टरमाइंड राहुल बंसोड़ अब भी फरार है।
जानकारी के मुताबिक मामला वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सुंदर नगर का है। पुलिस के मुताबिक डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर को परिवार के साथ घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर की सुबह जब वे वापस लौटीं, तो घर की अलमारी में रखी नकदी और सोने, चांदी के साथ हीरे के आभूषण गायब मिले। चोरी गए सामान की कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई। शिकायत मिलने के बाद वैशाली नगर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले।
संदिग्धों की गतिविधियों की जांच के दौरान पुलिस को वैशाली नगर क्षेत्र के राहुल बंसोड़ की भूमिका का पता चला। वारदात के बाद से ही वह फरार था। उसकी तलाश में पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के गोंदिया और नागपुर में दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की मौजूदगी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और भदोही में सामने आई। इसके बाद पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश पहुंची।
प्रयागराज-मिर्जापुर के बीच बदल रहे थे ठिकाने
पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार प्रयागराज और मिर्जापुर के बीच अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस से बचने के लिए वे गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव से आवाजाही कर रहे थे। स्थानीय पुलिस की मदद से अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश की गई। इस दौरान चोरी में शामिल प्रदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर उसके हिस्से की नकदी और सोने के आभूषण बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि उसने ये सामान अपने घर के कमरे में फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाया था।
ज्वेलर्स ने भट्ठी में गला दिए चोरी के गहने
पूछताछ में प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसने अपने हिस्से के सोने के आभूषण भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेचे थे। आरोप है कि ज्वेलर्स ने कुछ गहनों को अपने घर में रखी भट्ठी में गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया था। जांच में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, उसने चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने, माल खपाने और आरोपियों की मदद करने के बदले लाखों रुपये लिए थे।
चोरी के पैसों से दिल्ली में खरीदी कार
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ वारदात के बाद भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने कथित तौर पर चोरी की रकम से सेकंड हैंड कार खरीदी। वाहन नंबर DL-10-N-1411 लेकर वह बाद में भिलाई लौट आया। वहीं, प्रदीप ने चोरी की रकम से करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर बाइक खरीदी थी। इसके अलावा घर में बोरिंग कराने, मरम्मत और मोटर पंप लगवाने में भी चोरी की रकम खर्च की गई। पुलिस ने अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद करने की जानकारी दी है। हालांकि, इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड राहुल बंसोड़ अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।


