कबीरधाम 1 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में सराफा कारोबारी से हुई डकैती का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से करीब 11.9 किलो चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, वारदात में कुल पांच आरोपी शामिल थे। दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एएसपी अमित कुमार पटेल ने मामले का खुलासा किया।
कबीरधाम जिले में सराफा कारोबारी से हुए डकैती की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 27 अक्टूबर 2026 की शाम सराफा कारोबारी वेदप्रकाश सोनी अपने साथी के साथ जा रहे थे। इसी दौरान मछरीरेवार मंदिर घाटी के पास आरोपियों ने मोटरसाइकिल से उनका रास्ता रोक लिया। कारोबारी और उसके साथी के साथ मारपीट कर उनके पास रखे सामान और जेवरात लूटकर आरोपी फरार हो गए थे। मामले में तरेगांव जंगल थाने में बीएनएस की धारा 309(6), 126(2), 115(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
डकैती की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। इसके अलावा 24 गांवों के 500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध मोटरसाइकिलों के आने-जाने के रास्ते की जानकारी जुटाई गई। आरोपियों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगातार सक्रिय रहीं। पुलिस जांच में सामने आया कि 27 अक्टूबर को सभी आरोपी पंडरिया की देसी शराब भट्ठी के सामने मिले थे। इसके बाद वे दो मोटरसाइकिलों से तरेगांव क्षेत्र पहुंचे और सराफा कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखने लगे।
वेदप्रकाश सोनी के वहां से निकलने के बाद आरोपियों ने उनका पीछा किया और मछरीरेवार मंदिर घाटी के पास रास्ता रोककर लूट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, लूटे गए चांदी के जेवर मुंगेली में आपस में बांटे गए थे और उन्हें बिलासपुर में बेचने की योजना थी। मुखबिर से मिली सूचना और जांच के आधार पर पुलिस ने निखिल कुर्रे, संजय भास्कर और सचिन पात्रे को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर करीब 11.9 किलो चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं। पुलिस अब मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। 48 घंटे के भीतर डकैती का खुलासा और बड़ी मात्रा में लूटे गए जेवरों की बरामदगी पुलिस के लिए अहम सफलता मानी जा रही है। अब जांच का फोकस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और वारदात से जुड़े बाकी पहलुओं पर है।


