कोरबा, 18 जुलाई 2026। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में कोरबा में शनिवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत ‘रन फॉर ग्रीन’ मैराथन का आयोजन किया गया। हरित कोरबा के संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, युवाओं, खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में स्कूली बच्चों के आकर्षक ज़ुम्बा डांस से हुई। इसके बाद महापौर संजु देवी राजपूत और कलेक्टर कुणाल दुदावत ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। पूरे आयोजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया गया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान आगामी 15 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान शहरी क्षेत्र के स्कूलों, अस्पतालों, सार्वजनिक संस्थानों, आवासीय कॉलोनियों और प्रमुख सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनकी देखभाल सुनिश्चित कर हरित वातावरण तैयार करना भी है। कलेक्टर आम लोगों को ने इस महाअभियान में आगे बढ़कर जुड़ने के साथ ही खाली स्थानों पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की है। इस अभियान में भारतीय महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी किरण पिस्दा की मौजूदगी भी विशेष आकर्षण रही। उन्होंने शहरवासियों के साथ मैराथन में भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की सराहना की।
भारतीय महिला फुटबॉल खिलाड़ी किरण पिस्दा भी बनीं अभियान की सहभागी
इस विशेष महाअभियान में भारतीय महिला फुटबॉल टीम की खिलाड़ी किरण पिस्दा की मौजूदगी ने लोगों का उत्साह और बढ़ा दिया। उन्होंने शहरवासियों के साथ मैराथन में हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। बातचीत में किरण पिस्दा ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल न केवल लोगों को जागरूक करेगी, बल्कि युवाओं को भी प्रकृति के संरक्षण के लिए आगे आने की प्रेरणा देगी। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल करने की भी अपील की।
जनभागीदारी से मिलेगा अभियान को बल
प्रशासन का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इसी सोच के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण कर हरित भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
हरियाली के साथ बेहतर भविष्य की ओर कदम
कोरबा जैसे औद्योगिक जिले में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में ‘रन फॉर ग्रीन’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, हरित वातावरण और बेहतर जीवन देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल हैं। यदि प्रशासन के इस प्रयास में समाज की निरंतर भागीदारी बनी रही, तो आने वाले समय में कोरबा हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त उदाहरण बन सकता है।

