कोरबा 12 अक्टूबर 2026। कोरबा जिले में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कटघोरा वन मंडल के पसान क्षेत्र में 52 हाथियों का दल गांव के आसपास ही विचरण कर रहा है. हाथियों के डर से ग्रामीण रातभर जागकर अपने घर और खेतों की रखवाली कर रहे हैं. वहीं बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तेलियामार के दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है. तीन दिन पहले हाथियों के झुंड ने हॉस्टल की दीवार तोड़ दी थी और एक किसान के मकान को भी नुकसान पहुंचाया था.
जानकारी के मुताबिक पसान क्षेत्र के तेलियामार के आसपास हाथियों का दल मौजूद है. इस झुंड में एक दंतैल हाथी अलग घूम रहा है, जो ग्रामीणों के लिए ज्यादा परेशानी का कारण बना हुआ है. हाथियों की आवाजाही से गांव में दहशत का माहौल है. लोग अपनी जान-माल और फसलों की सुरक्षा के लिए रातभर पहरा देने को मजबूर हैं. हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण खेलन सिंह ने डर के कारण अपनी खाट घर की छानी के ऊपर रख दी है, ताकि हाथी के आने पर वह किसी तरह अपनी जान बचा सकें. ग्रामीणों की रातें डर के साये में गुजर रही हैं.
हॉस्टल की दीवार तोड़कर घुसे थे हाथी
हाथियों की मौजूदगी का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है. तीन दिन पहले हाथियों के झुंड ने तेलियामार स्थित दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल में घुसकर दीवार तोड़ दी थी. इस दौरान स्कूल के बगीचे को भी नुकसान पहुंचाया गया. इसके अलावा एक किसान का मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ था. लगातार बने खतरे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने एहतियातन हॉस्टल में रह रहे बच्चों को छुट्टी देकर उनके घर भेजने का फैसला लिया है.
हाथियों की आवाजाही के बीच बच्चों की सुरक्षा स्कूल प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. हाथियों से सुरक्षा की मांग को लेकर रविवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पसान थाने में बैठक की. इस दौरान प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई. पसान थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है. उन्होंने लोगों से हाथियों के करीब नहीं जाने और बच्चों को अकेले नहीं छोड़ने की अपील की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
वन विभाग कर रहा निगरानी, नुकसान का होगा सर्वे
वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड पर लगातार नजर रख रही है. आसपास के कई गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया है. ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने से रोकने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं. वन विभाग के मुताबिक, हाथियों के कारण किसानों की फसलों और मकानों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा. इसके आधार पर नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी.फिलहाल, पसान क्षेत्र में 52 हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर बना हुआ है. घरों और खेतों की सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. ऐसे में ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित रखने और मानव-हाथी संघर्ष की आशंका को कम करना वन विभाग और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है.


