कोरबा 28 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में अनुशासनहीनता पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। ताजा मामला कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड से सामने आया है, जहां स्कूल से लगातार गायब रहने, शराब के नशे में ड्यूटी पर पहुंचने और बिना स्कूल आए हाजिरी दर्ज कराने का दबाव बनाने के आरोप में एक सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की है। DEO के इस एक्शन के बाद सरकारी स्कूलों में अध्यापन कार्य में मनमानी करने वाले शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक मामला कटघोरा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला गंगदेई का है। यहां पदस्थ सहायक शिक्षक रघुलाल अहीर पर आरोप है कि वह महीने के अधिकांश दिनों तक विद्यालय नहीं पहुंचते थे। इतना ही नहीं, जब भी स्कूल आते थे, तब शराब के नशे में रहते थे, जिससे स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। शिकायत के अनुसार, शिक्षक बिना स्कूल पहुंचे पूरे महीने की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए विद्यालय के प्रधान पाठक पर दबाव बनाते थे। जब प्रधान पाठक ने इस मामले की जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को दी, तब भी कथित तौर पर शिक्षक ने राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर बाहरी लोगों के माध्यम से प्रधान पाठक और बीईओ पर हाजिरी लगाने का दबाव बनवाया।
मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंचने के बाद जांच के निर्देश दिए गए। बीईओ द्वारा की गई जांच में शिकायतों को सही पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सहायक शिक्षक रघुलाल अहीर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही, शराब के नशे में स्कूल पहुंचना और प्रशासनिक अधिकारियों पर अनधिकृत दबाव बनाना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य शिक्षकों के बीच भी चर्चा तेज है और माना जा रहा है कि शिक्षा विभाग भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त रुख अपनाएगा।


