रायपुर, 19 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले और शराब घोटाले की जांच में कांग्रेस नेता एवं कारोबारी रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शनिवार को उन्हें रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने कोल लेवी मामले में उनकी पुलिस रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी। इसी दौरान EOW ने उन्हें शराब घोटाले में भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं ओवरटाइम घोटाले में पूछताछ की अनुमति भी एजेंसी को मिल गई है।
रिमांड बढ़ाने की मांग के दौरान EOW ने अदालत को बताया कि जांच में मिले नए तथ्यों और दस्तावेजों के विश्लेषण के आधार पर करीब 104 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी का कहना है कि पहले जब्त की गई डायरियों और अन्य दस्तावेजों की दोबारा जांच में यह तथ्य सामने आया है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW दोनों का दावा था कि कोल लेवी से जुड़े 52.62 करोड़ रुपए रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे थे। बाद में यह आंकड़ा 54.62 करोड़ रुपए बताया गया था। अब EOW ने जांच के दौरान रकम का आंकड़ा बढ़ाकर 104 करोड़ रुपए होने का दावा किया है।
डायरियों से मिले सुराग, जांच की दिशा बदली
जांच एजेंसी के अनुसार, कोल लेवी मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल सूर्यकांत तिवारी और अन्य लोगों के ठिकानों से बरामद डायरियों के विश्लेषण के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। एजेंसी का कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कथित वित्तीय लेन-देन और पैसों के प्रवाह की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। EOW ने अदालत को बताया कि जांच के अगले चरण में रामगोपाल अग्रवाल का इस मामले के अन्य आरोपियों और गवाहों से आमना-सामना कराया जाएगा। इनमें सूर्यकांत तिवारी, देवेंद्र डनसेना, निखिल चंद्राकर, रोशन सिंह, नारायण साहू और गवाह मोहसिन खान शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
कोल लेवी रिमांड के बीच शराब घोटाले में गिरफ्तारी
कोल लेवी मामले में पहले मिली नौ दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद शुक्रवार को रामगोपाल अग्रवाल को विशेष अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने पुलिस रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी। इसी दौरान EOW ने उन्हें शराब घोटाले में भी गिरफ्तार करने का आवेदन पेश किया। हालांकि अदालत ने इस मामले में उन्हें 25 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। चूंकि वे फिलहाल कोल लेवी मामले में EOW की पुलिस रिमांड पर हैं, इसलिए एजेंसी की हिरासत में ही रहेंगे। 22 जुलाई को रिमांड समाप्त होने के बाद EOW शराब घोटाले में अलग से पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है।
ओवरटाइम घोटाले में भी बढ़ सकती है कार्रवाई
EOW को कथित ओवरटाइम घोटाले में पूछताछ की अनुमति भी मिल चुकी है। ऐसे में एजेंसी इस मामले में भी रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ करेगी। जरूरत पड़ने पर इस मामले में भी आगे गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। छत्तीसगढ़ के कोल लेवी घोटाला, शराब घोटाला, डीएमएफ (DMF) और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, EOW की पूछताछ पूरी होने के बाद ED भी अदालत से रामगोपाल अग्रवाल की कस्टडी मांग सकती है, ताकि अपने मामलों में उनसे पूछताछ की जा सके।
जांच के दायरे में कई चर्चित मामले
छत्तीसगढ़ में कोल लेवी और शराब घोटाला राज्य के सबसे चर्चित आर्थिक अपराधों में शामिल रहे हैं। इन मामलों में पहले भी कई आईएएस अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। अब रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी और EOW के नए दावों के बाद इन मामलों की जांच एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।

