रायपुर 28 जुलाई 2026। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद ज्ञानेश्वरी को देशभर से बधाइयां मिल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए इसे भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का क्षण बताया। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस बड़ी सफलता के लिए ज्ञानेश्वरी यादव को बधाई देकर हौसला बढ़या है।
Congratulations to Gyaneshwari Yadav on winning the Silver Medal in Weightlifting at the Commonwealth Games Glasgow 2026. This success is even more noteworthy because she has achieved a personal best in this competition. May her success motivate the youth of India. Wishing her… pic.twitter.com/tKF5Ub4LHQ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 27, 2026
आपको बता दे कामनवेल्थ गेम्स में छत्तीसगढ़ का नाम रौशन करने वाली ज्ञानेश्वरी यादव राजनांदगांव की रहने वाली है, जो कि छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदस्थ है। ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मेहनत और संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी और गर्व का माहौल बना दिया है। ज्ञानेश्वरी की सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दुर्ग सांसद विजय बघेल, छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विक्रम सिसोदिया सहित खेल जगत से जुड़े कई लोगों ने उन्हें बधाई दी।
विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी ने देश का गौरव बढ़ाया
कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश दोनों का मान बढ़ाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी,… pic.twitter.com/BzGrSoQxEo
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) July 27, 2026
वहीं, पुलिस महानिदेशक ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत कर शुभकामनाएं दीं और भविष्य में स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रेरित किया। इस उपलब्धि के सम्मान में छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, सुंदरा (राजनांदगांव) ने ज्ञानेश्वरी यादव को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपनी मेहनत और अनुशासन से पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है और उनकी खेल यात्रा में संस्थान आगे भी हरसंभव सहयोग करता रहेगा। ज्ञानेश्वरी की सफलता के पीछे उनके परिवार का भी अहम योगदान रहा है।
उनके पिता दीपक यादव पिछले दो दशकों से इसी संस्थान में हेड इलेक्ट्रीशियन के रूप में कार्यरत हैं। कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि ज्ञानेश्वरी की प्रतिभा को निखारने के लिए समय-समय पर उन्हें प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सुविधाओं में सहयोग दिया जाता रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स के मंच पर जीता यह रजत पदक केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की नई खेल पहचान का प्रतीक बन गया है। ज्ञानेश्वरी यादव की यह सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है कि छोटे शहरों से निकलकर भी दुनिया के सबसे बड़े मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाया जा सकता है।

