रायपुर, 22 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों और अग्निवीरों से जुड़े दो अहम फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने जहां राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की निगरानी के लिए मंत्रिस्तरीय उप समिति गठित करने का निर्णय लिया, वहीं भारतीय सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की तृतीय श्रेणी की नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का भी फैसला किया।
अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान
कैबिनेट ने पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी के पदों पर सीधी भर्ती में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान मंजूर किया है। यह आरक्षण केवल उन अग्निवीरों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी कर वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो। राज्य सरकार का कहना है कि इससे प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं पुलिस, वन और जेल विभाग को उनके अनुभव का लाभ मिलेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है।
किसानों के लिए उर्वरक संकट रोकने की तैयारी
कैबिनेट ने खरीफ और रबी सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए एक मंत्रिस्तरीय उप समिति के गठन को भी मंजूरी दी है। उप मुख्यमंत्री को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि कृषि, सहकारिता और वित्त मंत्री इसके सदस्य होंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक रहेंगे। यह समिति उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण की लगातार समीक्षा करेगी तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों और संबंधित विभागों से सुझाव लेकर राज्य सरकार को अनुशंसाएं देगी।
राज्य सरकार का मानना है कि इन दोनों फैसलों से एक ओर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर सेना से लौटने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार को लेकर राज्य की नीति स्पष्ट होगी। सरकार ने इसे किसानों के हित और युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।

