रायपुर, 17 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन आज शुक्रवार को सियासी संग्राम अपने चरम पर रहेगा। कांग्रेस द्वारा साय सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा होगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सरकार के कामकाज को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है। वहीं सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल भी काफी महत्वपूर्ण रहेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास और सहकारिता विभाग से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा।
गौरतलब है कि राज्य गठन के बाद विधानसभा में किसी सरकार के खिलाफ लाया गया यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले 9 बार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन एक भी सरकार नहीं गिरी।आज विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस इस बहस के दौरान नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगी। वहीं भाजपा सरकार अपने डेढ़ साल के कार्यकाल की उपलब्धियां, विकास योजनाएं और सुशासन के दावों के साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी।
हालांकि विधानसभा का गणित भाजपा सरकार के पक्ष में नजर आता है। सदन में भाजपा के 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 35 सदस्य हैं और एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का है। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह बहस बेहद अहम मानी जा रही है। राज्य गठन के बाद यह किसी सरकार के खिलाफ लाया गया दसवां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले नौ बार विपक्ष ने सरकारों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किए, लेकिन कोई भी सरकार नहीं गिरी। विधानसभा के इतिहास में सबसे लंबी बहस वर्ष 2015 में तत्कालीन रमन सिंह सरकार के खिलाफ हुई थी, जो 24 घंटे 25 मिनट तक चली थी।
प्रश्नकाल में भी कई अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब
सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल भी काफी महत्वपूर्ण रहेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास और सहकारिता विभाग से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा। विधायक शेषराज हरवंश प्रदेश में चावल की उपलब्धता और केंद्रीय व राज्य पूल से उसकी आपूर्ति का मुद्दा उठाएंगी। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला राशन दुकानों के बचत स्टॉक के सत्यापन और विधायक नीलकंठ टेकाम धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पर सरकार से सवाल करेंगे।
वहीं कांग्रेस विधायक उमेश पटेल महतारी वंदन योजना में अपात्र हितग्राहियों का मुद्दा उठाएंगे। विधायक अनिला भेंडिया मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, शिकायतों के निराकरण और धान शॉर्टेज के मामलों को लेकर सरकार को घेरेंगे। सदन में इन सभी मुद्दों पर संबंधित विभागों की ओर से मंत्री दयालदास बघेल और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े जवाब देंगी।
राजनीतिक संदेश पर रहेगी नजर
अविश्वास प्रस्ताव का परिणाम भले ही संख्या बल के कारण पहले से तय माना जा रहा हो, लेकिन इस बहस पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी। विपक्ष सरकार की कार्यशैली पर सवालों की बौछार करेगा, जबकि सत्ता पक्ष अपने कामकाज और उपलब्धियों के जरिए जवाबी हमला बोलेगा। मानसून सत्र का अंतिम दिन इसलिए केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक ताकत दिखाने का सबसे बड़ा मंच भी बन गया है।

