रायपुर 5 नवंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर की शिकायत पर रायपुर के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने अमित जोगी के रायपुर स्थित आवास पर नोटिस चस्पा किया है। इस बीच गुजरात में मौजूद अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वह कानून से भाग नहीं रहे हैं और पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुजरात आए हैं।
अमित जोगी ने वीडियो में बताया कि वह 2 से 8 नवंबर तक आमंत्रण पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए गुजरात आए हुए हैं। उनके मुताबिक, गुजरात पुलिस उनकी सुरक्षा में तैनात है। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यालय ने 30 अक्टूबर को ही छत्तीसगढ़ और गुजरात के डीजीपी सहित संबंधित अधिकारियों को उनके कार्यक्रम की पूर्व सूचना दे दी थी। रायपुर स्थित आवास पर पुलिस की ओर से नोटिस चस्पा किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। जोगी का कहना है कि पुलिस उनसे सीधे संपर्क कर सकती थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय उनके घर पर नोटिस चस्पा किया गया, जिससे उनकी मां और पत्नी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
अमित जोगी ने अपने खिलाफ दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई है। यह धारा विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने और सद्भाव बिगाड़ने से जुड़े अपराधों से संबंधित है। जोगी ने सवाल उठाया कि राजनीतिक व्यंग्य के मामले में इस धारा का इस्तेमाल क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यंग्य को सांप्रदायिक अपराध का रूप देना उचित नहीं है। अपने तर्क के समर्थन में उन्होंने भरतमुनि के नाट्यशास्त्र और विदूषक की भूमिका का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि विदूषक का काम हास्य और व्यंग्य के जरिए सत्ता में बैठे राजा को सचेत करना था। उन्होंने विदूषक को भारत का पहला पॉलिटिकल कार्टूनिस्ट तक बताया।
विवादित पोस्ट से शुरू हुआ सियासी विवाद
दरअसल, अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कथित आपत्तिजनक सामग्री थी। वीडियो में कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस पोस्ट पर आपत्ति जताते हुए भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा लिया था और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। इस पूरे घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ भाजपा की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई कर रही है, तो दूसरी तरफ अमित जोगी इस कार्रवाई की प्रक्रिया और कानूनी धाराओं पर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि गुजरात से लौटने के बाद अमित जोगी पुलिस के सामने अपना पक्ष किस तरह रखते हैं और जांच आगे क्या रुख लेती है।


