रायपुर 5 नवंबर 2026। पुलिस विभाग में 1 करोड़ 18 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस की चौथी वाहिनी की वेतन शाखा में पदस्थ एक आरक्षक ने सरकारी रकम अपनी मां के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। मामले में माना थाना पुलिस ने आरक्षक कमलेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कथित गड़बड़ी 1 नवंबर 2012 से 1 अप्रैल 2017 के बीच की गई। इस दौरान आरोपी चौथी वाहिनी की वेतन शाखा में पदस्थ था। आरोप है कि उसने अपनी जिम्मेदारी और पद का फायदा उठाते हुए अलग-अलग समय पर कुल 1 करोड़ 18 लाख रुपये अपनी मां के बैंक खाते में जमा कराए।
जांच में सामने आया है कि यह रकम एक बार में ट्रांसफर नहीं की गई, बल्कि अलग-अलग किस्तों में खाते में भेजी जाती रही। मामले का खुलासा होने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई। इसके आधार पर माना थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वेतन शाखा की नियमित प्रक्रिया के बीच इतनी बड़ी रकम का ट्रांसफर कैसे होता रहा? पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी राशि को निजी खाते में भेजने के लिए किन दस्तावेजों और प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया।
जांच के दायरे में वेतन शाखा के दूसरे कर्मचारी और अधिकारी भी हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित गड़बड़ी में किसी अन्य कर्मचारी की मिलीभगत थी या नहीं। बैंक लेन-देन और विभागीय रिकॉर्ड की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने पुलिस विभाग की वित्तीय निगरानी व्यवस्था और आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही कथित वित्तीय अनियमितता के पूरे तौर-तरीकों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।


