रायपुर 11 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में दो महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई है। राज्य सरकार गृह विभाग में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती की अनुमति देगी। इसके साथ ही ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। सरकार ने इसे जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्रहित में लिए गए फैसलों की यात्रा बताया।
पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती
मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीरों के अनुभव और दक्षता का राज्य की सेवाओं में उपयोग करने के उद्देश्य से गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती की अनुमति दी है। ये भर्ती उपलब्ध रिक्त पदों के विरुद्ध की जाएगी। राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। नए फैसले से सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त कर चुके पूर्व अग्निवीरों को राज्य पुलिस में सेवा का अवसर मिल सकेगा।
आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत अब ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा। यह फैसला विभाग के नाम और प्रशासनिक पहचान में बदलाव से जुड़ा है। हालांकि, विभाग के नाम परिवर्तन से संबंधित आगे की औपचारिक प्रक्रिया शासन के नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर अभिनंदन प्रस्ताव
मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से लेकर केंद्र सरकार के नेतृत्व तक की यात्रा का उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में श्रीराम मंदिर, जीएसटी, जनधन-आधार-मोबाइल व्यवस्था और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई जैसे फैसलों का उल्लेख किया गया। साथ ही, केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में आवास, स्वास्थ्य, राशन, सड़क, रेल, बिजली और जनजातीय विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों को भी रेखांकित किया गया।
छत्तीसगढ़ के विकास और निवेश पर भी रखी गई बात
बैठक के बाद रखे गए विवरण में राज्य में निवेश आकर्षित करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख किया गया। सरकार के अनुसार, राज्य को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इसके अलावा सड़क और रेल परियोजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सहायता, महिला सशक्तीकरण और बस्तर में विकास कार्यों को लेकर भी जानकारी दी गई। कैबिनेट के दो प्रमुख फैसले पूर्व अग्निवीरों को राज्य की सेवाओं में अवसर देने और जनजातीय विभाग के नाम में बदलाव से जुड़े हैं। पूर्व अग्निवीरों की भर्ती उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध होगी, जबकि विभाग के नाम परिवर्तन के लिए शासन के नियमों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


