दुर्ग 17 सितंबर 2026। केंद्रीय जेल दुर्ग में आज गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक छापामार कार्रवाई करते हुए पूरे जेल परिसर की सघन तलाशी ली। कलेक्टर अभिजीत सिंह के नेतृत्व में करीब 100 पुलिस जवान और अधिकारी तड़के छह बजे जेल पहुंचे। अचानक हुई कार्रवाई से जेल परिसर में हलचल मच गई। टीम ने जेल की अलग-अलग बैरकों और उन स्थानों की भी तलाशी ली, जहां प्रतिबंधित सामान छिपाए जाने की आशंका थी। तलाशी के दौरान दो मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, बीड़ी, चिलम और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। बरामद सामान का पंचनामा तैयार कर पदमनाभपुर थाने को सौंप दिया गया है।
औचक निरीक्षण के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। करीब 100 जवान और अधिकारी सुबह-सुबह केंद्रीय जेल पहुंचे। इसके बाद जेल परिसर को घेरे में लेकर अलग-अलग हिस्सों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। जेल की सभी बैरकों को बारीकी से खंगाला गया। इसके अलावा ऐसे स्थानों की भी जांच की गई, जहां बंदियों द्वारा प्रतिबंधित सामान छिपाए जाने की आशंका थी। जेल के अंदर से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये सामान जेल परिसर के भीतर पहुंचा कैसे? जेल में बंदियों के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। ऐसे में दो मोबाइल और एक सिम कार्ड मिलने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि मोबाइल का इस्तेमाल किसने किया और यह जेल के अंदर किस माध्यम से पहुंचा, इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।
मोबाइल की होगी तकनीकी जांच, खंगाले जाएंगे संपर्क
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन की आगे जांच कराई जाएगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मोबाइल से किन-किन नंबरों पर बातचीत हुई, कौन सा सिम कार्ड इस्तेमाल किया गया और सिम किसके नाम पर जारी हुआ था। मोबाइल में मौजूद जानकारी और कॉल डिटेल के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। औचक निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिबंधित सामग्री को जेल के भीतर पहुंचने से रोकने के लिए जांच व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जेल की बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर के मुताबिक जेल में बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त हैं। वहीं जेल कर्मचारियों के लिए बनाए गए नए क्वार्टर भी तैयार हो चुके हैं, जिनका आवंटन जल्द शुरू किया जाएगा। तलाशी में मिले सभी सामान का पंचनामा बनाकर पदमनाभपुर थाने को सौंप दिया गया है। अब जांच एजेंसियों का फोकस दो मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड पर रहेगा। इनके इस्तेमाल, सिम के वास्तविक मालिक और मोबाइल से हुए संपर्कों की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि जेल के भीतर प्रतिबंधित मोबाइल कैसे पहुंचे और इनका इस्तेमाल कौन कर रहा था।


