Health Desk : बरसात का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लाता है, लेकिन इसी दौरान सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और फ्लू जैसे संक्रमण के मामले भी बढ़ने लगते हैं। मौसम में नमी बढ़ने, तापमान में उतार-चढ़ाव और लोगों के बंद या भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा समय बिताने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि फ्लू के शुरुआती लक्षणों को पहचानें और समय रहते सावधानी बरतें।
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है और तापमान में लगातार बदलाव होता रहता है। लोग बारिश से बचने के लिए घर, ऑफिस, स्कूल या अन्य बंद जगहों पर ज्यादा समय बिताते हैं। ऐसी जगहों पर संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने पर वायरस फैल सकता है। इसके अलावा गीले कपड़ों में लंबे समय तक रहना, पर्याप्त नींद न लेना, खान-पान में लापरवाही और हाथों की साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखना भी संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकता है।
फ्लू के शुरुआती लक्षण क्या हैं ?
फ्लू की शुरुआत कई बार सामान्य सर्दी-जुकाम जैसी लग सकती है। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं—
- अचानक बुखार या शरीर का तापमान बढ़ना
- गले में खराश या दर्द
- नाक बहना या नाक बंद होना
- लगातार खांसी
- सिरदर्द
- शरीर और मांसपेशियों में दर्द
- थकान और कमजोरी
- ठंड लगना
कुछ लोगों में भूख कम लगना या आंखों में पानी आने जैसी शिकायत भी हो सकती है।
फ्लू और सामान्य सर्दी-जुकाम में अंतर
सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे सामने आते हैं, जबकि फ्लू में कई बार लक्षण अचानक और ज्यादा तीव्रता के साथ शुरू होते हैं। फ्लू में बुखार, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान ज्यादा परेशान कर सकती है। हालांकि केवल लक्षणों के आधार पर हर बार फ्लू की पुष्टि नहीं की जा सकती। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
मानसून में फ्लू और दूसरे वायरल संक्रमण से बचने के लिए कुछ सामान्य सावधानियां काफी मददगार हो सकती हैं।
हाथ साफ रखें: बाहर से आने के बाद और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं। बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
खांसते-छींकते समय सावधानी: खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या कोहनी से ढकें। इस्तेमाल किए गए टिश्यू को तुरंत कूड़ेदान में डालें।
बीमार होने पर दूरी रखें: अगर फ्लू जैसे लक्षण हैं तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और दूसरों के संपर्क को कम करें।
मास्क का इस्तेमाल: भीड़भाड़ या बंद जगहों पर, खासकर संक्रमण के समय, मास्क का इस्तेमाल संक्रमण फैलने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
पौष्टिक भोजन और पर्याप्त नींद: शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और पूरी नींद जरूरी है।
खुद से एंटीबायोटिक लेना सही नहीं
फ्लू आमतौर पर वायरस के कारण होता है, इसलिए हर मामले में एंटीबायोटिक दवाओं की जरूरत नहीं होती। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना नुकसानदायक हो सकता है और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी समस्या को बढ़ावा दे सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी ?
अगर बुखार लगातार बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो, अत्यधिक कमजोरी या भ्रम की स्थिति हो या लक्षण तेजी से बिगड़ रहे हों, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में विशेष सावधानी जरूरी है।

