अंबिकापुर 28 जुलाई 2026। अंबिकापुर में शराब और नकदी मुफ्त में हासिल करने के लिए तीन युवकों ने ऐसा खेल रचा, जो कुछ ही देर में उन पर भारी पड़ गया। आरोपियों ने खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो का अधिकारी बताकर जिला आबकारी अधिकारी पर रौब झाड़ने की कोशिश की और छह बोतल महंगी शराब के साथ नकदी की मांग कर डाली। लेकिन आबकारी अधिकारी की फर्जी एसीबी अधिकारी के झांसे में आते, उससे पहले उन्होने सतर्कता दिखाते हुए घटना की जानकारी पुलिस को देकर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड़ के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एसीबी अधिकारी बताते हुए कहा कि बाहर से अधिकारी निरीक्षण के लिए आए हैं और रेस्ट हाउस में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है। उसने तत्काल छह बोतल शराब और कुछ नकद राशि उपलब्ध कराने का दबाव बनाया। हालांकि बातचीत के दौरान अधिकारी को मामला संदिग्ध लगा। उन्होंने न तो शराब उपलब्ध कराई और न ही पैसे दिए। इसके बजाय तुरंत गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने सौरभ प्रजापति को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों राजेशपुरी गोस्वामी और रंजीत गुप्ता के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची थी।तीनों 27 जुलाई को सुभाषनगर स्थित शराब दुकान पहुंचे थे और तय किया कि इस बार शराब के पैसे नहीं देंगे। इसी योजना के तहत सौरभ ने आबकारी अधिकारी को फोन कर खुद को एसीबी अधिकारी बताया और धौंस दिखाते हुए शराब और नकदी की मांग की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने पहले भी इस तरह किसी सरकारी अधिकारी या विभाग को निशाना बनाया था या नहीं। घटना ने यह भी साबित कर दिया कि सरकारी अधिकारियों की सतर्कता और समय पर पुलिस को दी गई सूचना से इस तरह की ठगी और फर्जीवाड़े की कोशिशों को समय रहते नाकाम किया जा सकता है।

