सूरजपुर 24 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में जमीन विवाद ने एक और जान ले ली। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोंदा में दोस्तों के साथ शराब पार्टी कर रहे एक युवक का दर्जनभर युवकों ने अपहरण कर लिया। आरोप है कि युवक को कार में अगवा करने के बाद उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और बेहोशी की हालत में सड़क किनारे फेंक दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
पुलिस के अनुसार ग्राम गोंदा निवासी हरिनंदन राजवाड़े (36) गुरुवार शाम अपने दो दोस्तों तुषार और राहुल के साथ घर पर पार्टी कर रहा था। इसी दौरान गांव का ललित राजवाड़े अपने 10 से 12 साथियों के साथ वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर हरिनंदन को जबरन चारपहिया वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए। कुछ देर बाद हरिनंदन के अपहरण की सूचना उसके बड़े भाई बम भोला राजवाड़े को दी गई। परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में निकले तो भैंसामुड़ा के पास केवरा चौक के समीप वह बेहोशी की हालत में मिला।
उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और काफी खून बह चुका था। घायल हरिनंदन को तत्काल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई का आरोप है कि गांव के ही ललित राजवाड़े से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। करीब पंद्रह दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। परिजनों का आरोप है कि उसी रंजिश के चलते ललित और उसके साथियों ने हरिनंदन का अपहरण कर उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी जान चली गई। अंबिकापुर पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के बाद केस डायरी सूरजपुर पुलिस को भेज दी है।
फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि निजी रंजिश और जमीन विवाद किस तरह कानून को चुनौती देते हुए हिंसक वारदातों में बदल रहे हैं। दिनदहाड़े अपहरण, सामूहिक पिटाई और मौत जैसी घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही हैं।

