अंबिकापुर 17 जुलाई 2026। झारखंड के धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर और वारंटी आरोपी साबिर आलम को पुलिस की वैध अभिरक्षा से छुड़ाकर फरार कराने के मामले में अंबिकापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। वहीं घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद गैंगस्टर साबिर आलम से जुड़े लोगों में भी हड़कंप मच गया है।
पुलिस के मुताबिक धनबाद के बरोरा थाना प्रभारी उप निरीक्षक अभय कुमार को सूचना मिली थी कि बैंकमोड़ थाना क्षेत्र का वारंटी गैंगस्टर साबिर आलम अंबिकापुर के मोमिनपुरा इलाके में पहचान छिपाकर रह रहा है। सूचना के आधार पर 29 जून 2026 की सुबह धनबाद पुलिस की टीम अंबिकापुर पहुंची। मोमिनपुरा मस्जिद के पास स्कूटी से आते एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर पूछताछ की गई तो उसने अपनी पहचान साबिर आलम के रूप में बताई। धनबाद पुलिस जब उसे हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई कर रही थी।
तभी आरोपी ने आसपास मौजूद लोगों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि कुछ ही देर में मोहम्मद जाहिद खान और उसका बेटा जुनैद खान अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम पर दबाव बनाते हुए सामूहिक बल प्रयोग किया। इस दौरान भीड़ ने साबिर आलम को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया। घटना के बाद भीड़ भी वहां से तितर-बितर हो गई। धनबाद पुलिस की शिकायत पर कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान वीडियो कॉल और व्हाट्सएप के जरिए आरोपियों की पहचान की गई।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने मोहम्मद जाहिद खान (59) और उसके बेटे जुनैद खान (30), दोनों निवासी नया बस्ती हबीबनगर, अंबिकापुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पूरे मामले की जांच जारी है। कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक अदीप प्रताप सिंह, सहायक उप निरीक्षक विवेक पांडेय और साइबर टीम की अहम भूमिका रही।

