कोरबा 16 जुलाई 2026। बालकोनगर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की 45वीं पारंपरिक रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ निकाली गई। उत्कल भारती समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बालको के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (धातु) निकेत श्रीवास्तव सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिवारजन और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर रथयात्रा में सहभागिता निभाई।
विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। निकेत श्रीवास्तव ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और नगरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ स्वयं रथ खींचकर इस ऐतिहासिक परंपरा में भागीदारी निभाई। रथयात्रा के दौरान पूरे बालकोनगर में ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष गूंजते रहे।
भक्ति संगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन और कर्मा नृत्य दल की आकर्षक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम पूरे आयोजन में देखने को मिला। राम मंदिर से शुरू हुई रथयात्रा बालकोनगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रामलीला मैदान स्थित श्री गुंडिचा मंदिर पहुंची, जहां भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की विधिवत स्थापना कर विशेष पूजा-अर्चना की गई।
आयोजन समिति के अनुसार 16 जुलाई से 24 जुलाई तक श्री गुंडिचा मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, महाप्रसाद वितरण और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। बालकोनगर में पिछले 45 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही जगन्नाथ रथयात्रा अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपरा और सामुदायिक एकता का प्रतीक बन चुकी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

