रायपुर 16 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का चौथा दिन सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। प्रश्नकाल से लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्तावों तक विपक्ष सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। फर्जी ग्रामसभाओं के आधार पर उद्योगों की स्थापना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में कथित अनियमितताएं, रायपुर मास्टर प्लान, जर्जर सड़कें, औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और उर्वरक वितरण जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी बहस के आसार हैं।
सत्र के चौथे दिन की सबसे चर्चित बहस पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के सवाल से शुरू हो सकती है। बघेल फर्जी ग्रामसभाओं के आधार पर उद्योगों को मंजूरी दिए जाने और इस मामले में दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी से जवाब मांगेंगे। यह मामला केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की सहमति और उद्योगों को मिलने वाली मंजूरी की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है। प्रश्नकाल में विपक्ष और सत्ता पक्ष के कई विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को भी सरकार के सामने रखेंगे।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर नवा रायपुर के सेवाग्राम परियोजना की वित्तीय और भौतिक प्रगति पर जानकारी मांगेंगे, जबकि विधायक आशाराम नेताम स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मुद्दा उठाएंगे।वहीं, विधायक राघवेंद्र सिंह ‘ज्ञान भारतम् अभियान’ के तहत प्राचीन पांडुलिपियों और ताम्रपत्रों के संरक्षण की स्थिति पर सवाल करेंगे। कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद मत्स्य पालन के लिए पट्टों के आवंटन का मामला उठाएंगे, जबकि विधायक दलेश्वर साहू प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे।
भाजपा विधायक ललित चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में उपकरण खरीदी में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सदन में उठाएंगे। सदन में प्रश्नकाल के बाद 63 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा प्रस्तावित है। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में कथित गड़बड़ियां, प्रदेश की जर्जर सड़कें, औद्योगिक कारखानों में सुरक्षा मानकों की स्थिति, रायपुर शहर के मास्टर प्लान में कथित अनियमितताएं, कोरिया जिले में कार में आग लगाकर हत्या का मामला और जंगलों की अवैध कटाई जैसे संवेदनशील विषय शामिल हैं।
इन मुद्दों पर संबंधित मंत्रियों को सदन में जवाब देना होगा। विधानसभा में स्थानीय जनहित के कई मामलों पर भी चर्चा होगी, जिससे विभिन्न जिलों की समस्याएं सदन के केंद्र में रहेंगी। विपक्ष इन मुद्दों के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, जबकि सरकार तथ्यों और योजनाओं के आधार पर जवाब देने की तैयारी में है। सत्र के दौरान दो अशासकीय संकल्प भी पेश किए जाएंगे। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर प्रदेश में प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर रोक लगाने का प्रस्ताव लाएंगे, जबकि विधायक सुशांत शुक्ला छत्तीसगढ़ में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना का संकल्प सदन में प्रस्तुत करेंगे।
चौथे दिन की कार्यवाही से साफ संकेत मिल रहे हैं कि विधानसभा में विकास योजनाओं, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। फर्जी ग्रामसभा से उद्योगों की स्थापना का मुद्दा और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर उठ रहे सवाल आज की कार्यवाही के सबसे प्रमुख राजनीतिक केंद्र बिंदु रहने की संभावना है।

