कोरबा 15 जुलाई 2026। कोरबा जिले में कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को बांगो थाना क्षेत्र के पोड़ी बस स्टैंड के पास तेज रफ्तार टैंकर की टक्कर से दो सगे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच एक बार फिर इस हाईवे पर सड़क सुरक्षा गंभीर सवाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिये है।
पुलिस के मुताबिक कोनकोना बस्ती के तीन स्कूली बच्चे स्कूटी से पोड़ी बस स्टैंड सामान लेने गए थे। इसी दौरान तेज रफ्तार टैंकर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि 13 वर्षीय बूटी गोस्वामी और 12 वर्षीय दशरथ गोस्वामी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक बच्चों के परिजन अंबिकापुर-कोरबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मुआवजा, दोषी चालक की गिरफ्तारी और सड़क सुरक्षा के स्थायी इंतजाम की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया।
इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित रहा।सूचना मिलने पर बांगो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने मृतक बच्चों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त टैंकर को जब्त कर लिया है। चालक घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
लगातार हादसों से बढ़ रही चिंता
कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले कुछ वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद कई संवेदनशील स्थानों पर गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा सके हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि पोड़ी बस स्टैंड, स्कूल और बाजार क्षेत्र में हर दिन बड़ी संख्या में लोग सड़क पार करते हैं, लेकिन यहां न तो पर्याप्त स्पीड ब्रेकर हैं और न ही ट्रैफिक नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन को इस संबंध में ज्ञापन दिए गए, लेकिन सुरक्षा उपायों को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों ने पोड़ी बस स्टैंड के पास स्पीड ब्रेकर बनाने, भारी वाहनों की गति पर निगरानी बढ़ाने और नियमित पुलिस गश्त की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के उपाय किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। दो मासूम बच्चों की मौत ने एक बार फिर कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दुर्घटनाओं के बाद केवल मुआवजा और जांच तक ही कार्रवाई सीमित रही, तो इस मार्ग पर ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर स्थायी और प्रभावी कदम कब उठाता है।

