कोरबा 15 जुलाई 2026। नगर निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत ने अपने कार्यकाल के डेढ़ वर्ष पूरे होने पर बुधवार को रिपोर्ट कार्ड पेश किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में शहर के सभी 67 वार्डों में बिना राजनीतिक भेदभाव के विकास कार्य कराए गए। सड़क, नाली, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता देते हुए 537 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। वहीं, 434 नए विकास कार्यों को मंजूरी मिली है, जिनमें 76 पूरे हो चुके हैं, 149 पर काम जारी है और 209 कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे।
महापौर ने अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि स्वच्छता अभियान को बताया। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत किया गया, बड़े होटल और मैरिज गार्डन के लिए कचरा प्रबंधन के नियम सख्ती से लागू किए गए और सफाई व्यवस्था में कई बदलाव किए गए। शहर के 16 एसएलआरएम (सॉलिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट) केंद्रों का करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर की 10 किलोमीटर सड़कों की सफाई रोड स्वीपिंग मशीन से की जा रही है, जिसे बढ़ाकर 22 किलोमीटर तक करने की योजना है। महापौर ने दावा किया कि इन प्रयासों के चलते कोरबा ने देश के स्वच्छ शहरों की रैंकिंग में आठवां स्थान हासिल किया है।
इसके अलावा प्रमुख चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, रंग-रोगन और शहर की पहचान से जुड़े प्रतीकों का निर्माण भी कराया गया। महापौर ने कहा कि बुधवारी बाजार, कोसाबाड़ी डेली मार्केट और घंटाघर क्षेत्र की वर्षों पुरानी अव्यवस्था को व्यवस्थित किया गया है। चौपाटी को फूड जोन के रूप में विकसित कर सड़क किनारे लगने वाले ठेलों को व्यवस्थित किया गया, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ। छोटे व्यापारियों के लिए दुकानें उपलब्ध कराई गईं और कोसाबाड़ी में सब्जी विक्रेताओं के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई। मल्टीलेवल पार्किंग परिसर के पास फ्रूट जोन विकसित करने की भी योजना है।
सीवेज, सड़क और आवास परियोजनाओं पर जोर
महापौर ने बताया कि शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें 211 करोड़ रुपये की लागत से 20 एमएलडी क्षमता का टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट और 33 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गंदे पानी को उपचारित कर हसदेव नदी में प्रदूषण कम करना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दादर खुर्द में बने आवासों का आवंटन 22 जुलाई को किया जाएगा। लंबे समय से बंद पड़े मल्टीलेवल पार्किंग भवन को भी शुरू किया जाएगा, जहां पार्किंग के साथ 40 से अधिक दुकानों का आवंटन प्रस्तावित है।
नई सड़कें, स्ट्रीट लाइट और खेल सुविधाएं
महापौर के मुताबिक शहर में 5,000 नई स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम जारी है। प्रमुख चौकों पर हाईमास्ट लाइटें स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा सुनालिया ओवरब्रिज से अग्रसेन चौक तक सड़क और पुल निर्माण, सर्वमंगला पुल से दर्री बांध तक फोरलेन सड़क और आईटीआई चौक से बालको चेकपोस्ट तक गौरव पथ जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौराहों पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए वेटिंग शेड बनाए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत सीएसईबी चौक से हो चुकी है।
शिकायतों के त्वरित समाधान का दावा
महापौर ने कहा कि “महापौर की पाती” और “कनेक्ट टू कमिश्नर” जैसी पहल के जरिए नागरिकों की शिकायतों का 24 घंटे के भीतर समाधान करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जिला खनिज न्यास (DMF) से हॉकी स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम, बॉक्स क्रिकेट मैदान और सिंथेटिक रनिंग ट्रैक विकसित करने की योजना बनाई गई है। गीले कचरे से बायोगैस उत्पादन, “मिशन वरुण” के जरिए जलकर वसूली, राइफल शूटिंग रेंज, ग्रीन कॉरिडोर, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 4,027 आवासों की स्वीकृति और 80 ई-रिक्शा उपलब्ध कराकर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया गया। महापौर ने यह भी दावा किया कि स्वच्छता शपथ अभियान के दौरान 20 मिनट में 15,500 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर कराकर कोरबा ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी जगह बनाई है। हालांकि, इन दावों की वास्तविक तस्वीर और परियोजनाओं का असर आने वाले समय में जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन और नागरिकों के अनुभवों से तय होगा।

