वॉशिंगटन 15 जुलाई 2026। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) से गुजरने वाले जहाजों पर 20 फीसदी टैक्स लगाने के अपने फैसले को महज 24 घंटे के भीतर वापस ले लिया है। इस फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने के बाद ट्रम्प ने नया रुख अपनाया और कहा कि अब टैक्स की बजाय खाड़ी देशों के निवेश पर जोर दिया जाएगा। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जानकारी देते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने टैक्स लगाने का फैसला वापस लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने दावा किया कि खाड़ी देशों की ओर से अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
क्या था ट्रम्प का फैसला ?
सोमवार को ट्रम्प ने घोषणा की थी कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों पर 20 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा। उनका तर्क था कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अमेरिका की बड़ी भूमिका है, इसलिए इसका आर्थिक लाभ भी अमेरिका को मिलना चाहिए। हालांकि इस प्रस्ताव के सामने आते ही कई देशों ने इसकी आलोचना की। विशेषज्ञों का कहना था कि यदि ऐसा टैक्स लागू होता, तो वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता था। इससे ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और समुद्री परिवहन लागत बढ़ने की आशंका भी जताई गई।
ईरान ने कसा तंज
ट्रम्प के फैसले पर ईरान ने भी व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी। ईरान ने कहा कि ट्रम्प की बात तो सही है, लेकिन 20 फीसदी टैक्स बहुत ज्यादा है। ईरान ने तंज कसते हुए कहा कि यदि कोई टैक्स वसूला जाएगा तो वह इससे कम दर पर वसूलेगा।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट ?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी देशों से निर्यात होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से इसकी रणनीतिक अहमियत बेहद अधिक है। ऐसे में इस मार्ग से जुड़े किसी भी फैसले का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
निवेश पर ट्रम्प का नया फोकस
टैक्स योजना वापस लेने के साथ ट्रम्प प्रशासन अब खाड़ी देशों से निवेश आकर्षित करने पर जोर दे रहा है। ट्रम्प का कहना है कि बड़े निवेश से अमेरिका में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, नई परियोजनाएं शुरू होंगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। फिलहाल टैक्स का प्रस्ताव वापस लिए जाने से वैश्विक बाजारों और शिपिंग उद्योग को राहत मिली है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भविष्य में अमेरिकी नीति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

